Royal Recognition for National Service: Maharaja Gaj Singh Salutes ‘Sister of Soldiers’ Parvati Jangid Suthar

ब्रेकिंग न्यूज़ | जोधपुर राजघराने से “सिस्टर ऑफ सोल्जर्स” को मिला ऐतिहासिक सम्मान

मारवाड़ के महाराजा गजसिंह द्वितीय ने “सिस्टर ऑफ सोल्जर्स” कर्नल (मानद) पार्वती जांगिड़ सुथार को जारी किया प्रशस्ति-पत्र, राष्ट्रसेवा को मिला राज सम्मान

जोधपुर। राष्ट्रसेवा, सैनिक कल्याण और सीमा जागरूकता के क्षेत्र में पिछले लगभग 17 वर्षों से सतत कार्य कर रहीं कर्नल (मानद) पार्वती जांगिड़ सुथार, जिन्हें देशभर में “सिस्टर ऑफ सोल्जर्स” के नाम से जाना जाता है, को एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है। मारवाड़-जोधपुर के महाराजा श्री गजसिंह द्वितीय ने उनके योगदान को मान्यता देते हुए एक आधिकारिक “लेटर ऑफ एप्रिसिएशन” (प्रशंसा-पत्र) जारी किया है।

उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर से जारी इस प्रशंसा-पत्र में महाराजा गजसिंह ने पार्वती जांगिड़ सुथार की राष्ट्रसेवा, सैनिकों के प्रति समर्पण और सीमा क्षेत्रों में किए गए अतुलनीय कार्यों की सराहना की है।


🇮🇳 17 वर्षों की राष्ट्रसेवा को मिली राजघराने की स्वीकृति

प्रशस्ति-पत्र में उल्लेख किया गया है कि पार्वती जांगिड़ सुथार ने पिछले 17 वर्षों से अधिक समय से “राष्ट्र सेवा, सैनिक कल्याण, सीमा जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना” के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने देश की दुर्गम सीमाओं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों और अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्थानों तक पहुंचकर सैनिकों एवं सुरक्षा बलों से निरंतर संवाद स्थापित किया तथा भारतीय सैनिकों के प्रति देशवासियों की कृतज्ञता का संदेश पहुंचाया।


7,500 से अधिक रक्षा प्रतिष्ठानों का दौरा

महाराजा द्वारा जारी सम्मान पत्र के अनुसार,

  • 7,500 से अधिक रक्षा एवं सीमा प्रतिष्ठानों से संपर्क
  • 2.25 लाख किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय एवं सीमाई यात्राएं
  • 5.60 लाख से अधिक स्वयं निर्मित रक्षा-सूत्र (राखियां) सैनिकों और सुरक्षा बलों को समर्पित

जैसे अभूतपूर्व कार्य उनके सेवा जीवन का हिस्सा रहे हैं।

यह आंकड़े स्वयं में एक असाधारण राष्ट्रीय अभियान की कहानी बयां करते हैं।


सैनिकों और समाज के बीच बनी मजबूत कड़ी

प्रशस्ति-पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि पार्वती जांगिड़ सुथार ने केवल सैनिकों तक प्रेम और सम्मान पहुंचाने का कार्य ही नहीं किया, बल्कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं को प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका कार्य एक ऐसी सामाजिक शक्ति के रूप में उभरा है जिसने “सिविलियन और सैनिक समाज के बीच विश्वास का सेतु” तैयार किया है।


“Defence Observer” की प्रथम चीफ डिफेन्स ऑब्जर्वर

महाराजा गजसिंह ने अपने पत्र में पार्वती जांगिड़ सुथार को Defence Observer – “Bharat’s Strategic Eye on the World” की प्रथम चीफ डिफेन्स ऑब्जर्वरके रूप में भी उल्लेखित किया है।

उन्होंने कहा कि सीमाओं और सैन्य क्षेत्रों में उनके व्यावहारिक अनुभव देश की सुरक्षा विरासत, सामरिक विषयों और सैनिक जीवन को दस्तावेज़ी रूप देने में एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।


महाराजा गजसिंह का संदेश

अपने संदेश में महाराजा गजसिंह द्वितीय ने कहा कि पार्वती जांगिड़ सुथार का समर्पण और उनकी निरंतर सेवा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने अपने पत्र में उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका यह मिशन नागरिकों और सैनिकों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा तथा राष्ट्रीय जागरूकता को नई दिशा देगा।


क्यों है यह सम्मान विशेष?

मारवाड़ राजघराना देश के सबसे प्रतिष्ठित राजवंशों में से एक माना जाता है। ऐसे में महाराजा गजसिंह द्वितीय द्वारा व्यक्तिगत रूप से जारी किया गया यह सम्मान पत्र केवल एक औपचारिक प्रशंसा नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और सैनिक सम्मान के क्षेत्र में किए गए कार्यों की ऐतिहासिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान उन हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा है जो राष्ट्रहित और सैनिक कल्याण के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं।

PATRIKA.TODAY EXCLUSIVE | Maharaja Gaj Singh II Honours ‘Sister of Soldiers’ Parvati Jangid Suthar for Outstanding Service to the Nation and Armed Forces

“One Woman. Millions of Blessings. A Lifetime of Service to India’s Soldiers.” 🇮🇳

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