NIT Karnataka Honours ‘Sister of Soldiers’ Parvati Jangid Suthar, Recognises 17 Years of Dedicated Service to India’s Armed Forces and National Security

🇮🇳 BREAKING NEWS | भारत सरकार के प्रतिष्ठित NITK सुरथकल ने “Sister of Soldiers” पार्वती जांगिड़ सुथार की राष्ट्रसेवा को दी आधिकारिक मान्यता

17 वर्षों की राष्ट्रसेवा को मिला राष्ट्रीय संस्थान का सम्मान, NIT कर्नाटक ने जारी किया विशेष प्रशस्ति-पत्र

मंगलुरु/नई दिल्ली। देश की सीमाओं, सैनिकों और राष्ट्रीय चेतना के लिए समर्पित जीवन जीने वाली “Sister of Soldiers” कर्नल (ऑनरेरी) पार्वती जांगिड़ सुथार को एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (Institute of National Importance) के रूप में स्थापित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (NITK), सुरथकल ने उनके असाधारण राष्ट्रसेवा कार्यों और सैनिक कल्याण में योगदान को मान्यता प्रदान करते हुए एक विशेष “Letter of Appreciation and Recognition” जारी किया है।

यह सम्मान न केवल पार्वती जांगिड़ सुथार के वर्षों के समर्पण की स्वीकृति है, बल्कि सैनिकों और सीमा क्षेत्रों के लिए किए गए उनके अभूतपूर्व कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि भी माना जा रहा है।


NITK ने कहा: राष्ट्रसेवा की जीवंत मिसाल हैं “Sister of Soldiers”

प्रशस्ति-पत्र में NITK सुरथकल ने पार्वती जांगिड़ सुथार को देशभर में प्रसिद्ध “Sister of Soldiers” बताते हुए कहा कि उनका 17 वर्षों से अधिक का सफर राष्ट्र सेवा, सैनिक कल्याण, सीमा जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना को समर्पित रहा है।

संस्थान ने उन्हें हाल ही में नियुक्त First Chief Defence Observer के रूप में भी बधाई देते हुए उनके कार्यों को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया है।


7,500 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंच

NITK द्वारा जारी प्रशंसा-पत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

✅ 7,500 से अधिक रक्षा प्रतिष्ठानों, बॉर्डर आउटपोस्ट्स (BOPs), अग्रिम चौकियों और सैन्य शिविरों तक पहुंच

✅ देशभर के सीमा गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक जनजागरण

✅ 120 से अधिक सैनिकों को मानसिक तनाव, पारिवारिक कठिनाइयों और भावनात्मक चुनौतियों से बाहर निकालने में सहयोग

✅ सैनिकों के बीच आशा, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास

✅ 30,000 से अधिक सैनिकों को उनके समर्पण एवं सेवाओं के लिए सम्मान प्रमाण पत्र दिलाने में योगदान

✅ भारत की 95 प्रतिशत से अधिक अंतरराष्ट्रीय और तटीय सीमाओं तक सक्रिय उपस्थिति दर्ज करना


सैनिकों और नागरिकों के बीच मजबूत किया विश्वास का सेतु

अपने सम्मान पत्र में NITK ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पार्वती जांगिड़ सुथार ने सैनिकों के प्रति केवल भावनात्मक समर्थन ही नहीं दिया, बल्कि नागरिक समाज और सैनिक समुदाय के बीच एक मजबूत संवाद और विश्वास का पुल बनाया।

सीमावर्ती क्षेत्रों में उनकी यात्राओं, सैनिकों से प्रत्यक्ष संपर्क और रक्षा-सूत्र अभियान ने देशभर के नागरिकों को सैनिकों के त्याग और बलिदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।


Defence Observer में नई जिम्मेदारी को भी मिली सराहना

NITK सुरथकल ने अपने प्रशस्ति-पत्र में कहा कि “DEFENCE OBSERVER – Bharat’s Strategic Eye on the World” में First Chief Defence Observer के रूप में उनकी भूमिका भारत की सैन्य विरासत, सामरिक विषयों, सीमा सुरक्षा और सैनिक जीवन को दस्तावेज़ी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

संस्थान के अनुसार, उनका व्यापक जमीनी अनुभव देश की सुरक्षा और रणनीतिक मामलों को समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने में विशेष योगदान देगा।


युवाओं के लिए रोल मॉडल घोषित

प्रशस्ति-पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह रहा जिसमें NITK ने पार्वती जांगिड़ सुथार को विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और युवा नागरिकों के लिए “Role Model”बताया।

संस्थान ने कहा कि उनका जीवन अनुशासन, सेवा-भाव, साहस, जिम्मेदार नागरिकता, महिला नेतृत्व और “Service Before Self” की भावना का प्रतीक है।


राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा सम्मान

रक्षा एवं राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि NITK जैसे भारत के अग्रणी तकनीकी एवं राष्ट्रीय महत्व के संस्थान द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन मूल्यों की भी पहचान है जो राष्ट्रहित, सैनिक सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखते हैं।

यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, सैनिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

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