डेनमार्क में भारत के राजदूत ने “Sister of Soldiers” पार्वती जांगिड़ सुथार के राष्ट्रसेवा मिशन को दी वैश्विक मान्यता
From India’s Borders to Global Recognition: Copenhagen-Based Indian Ambassador Applauds the Extraordinary Humanitarian Mission of ‘Sister of Soldiers’
भारतीय सैनिकों के लिए आजीवन समर्पण को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, कोपेनहेगन स्थित भारतीय दूतावास से जारी हुआ प्रशंसा संदेश
“Your selfless devotion to the soldiers, providing emotional healing and supporting their mental and spiritual well-being, is truly a service to our great country.” – Manish Prabhat, Ambassador of India, Copenhagen.
नई दिल्ली/कोपेनहेगन:
भारतीय सैनिकों के कल्याण, मानसिक संबल और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित जीवन जीने वाली“Sister of Soldiers” कर्नल (ऑनरेरी) पार्वती जांगिड़ सुथार के कार्यों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना प्राप्त हुई है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में तैनात मनीष प्रभात, भारत के राजदूत, कोपेनहेगन ने उनके सम्मान में एक विशेष प्रशंसा संदेश जारी करते हुए उनके आजीवन समर्पण और सैनिकों के प्रति निःस्वार्थ सेवा को प्रेरणादायक बताया है।
21 अक्टूबर 2026 को जारी अपने संदेश में मनीष प्रभात ने कहा कि पार्वती जांगिड़ सुथार का भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों तक एक बहन के रूप में पहुंचना और उनके जीवन में भावनात्मक संबल प्रदान करना अत्यंत प्रेरणादायक है।
🇮🇳 “हर सैनिक के साथ एक बहन की तरह खड़ी रहीं”
अपने संदेश में भारतीय राजदूत ने उल्लेख किया कि पार्वती जांगिड़ सुथार ने सैनिकों के संकट और कठिन परिस्थितियों में उनके भावनात्मक, मानसिक एवं आध्यात्मिक कल्याण के लिए जो कार्य किए हैं, वह वास्तव में राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राजदूत ने कहा कि उनका यह निःस्वार्थ समर्पण केवल सैनिकों की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करने वाला है। उनकी सेवा, साहस और समर्पण भारतवासियों को गर्व महसूस कराता है और सम्मानपूर्वक सिर झुकाने को विवश करता है।
वैश्विक मंच पर गूंजी “Sister of Soldiers” की सेवा गाथा
दशकों से सैनिकों और सीमा क्षेत्रों के लिए कार्य कर रहीं पार्वती जांगिड़ सुथार को देश के विभिन्न सैन्य, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वोच्च राजनयिक पदों में से एक, भारत के राजदूत, कोपेनहेगन द्वारा की गई यह सराहना उनके मिशन को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
भारतीय राजदूत ने दी शुभकामनाएं
अपने संदेश के अंत में मनीष प्रभात ने पार्वती जांगिड़ सुथार के जीवन मिशन की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी देश की सेवा करती रहें और मातृभूमि के प्रत्येक सैनिक के लिए एक मजबूत सहारा बनकर खड़ी रहें।

“When service transcends borders, the nation speaks through its ambassadors.”